Dinesh Mahto v. The State Of Bihar And ORS
IN THE HIGH COURT OF JUDICATURE AT PATNA
Letters Patent Appeal No.342 of 2019 In Civil Writ Jurisdiction Case No.2200 of 2002 ====================================================== Dinesh Mahto S/o Late Shiv Narayan Mahto Vill.- Dawan Tola, P.s. and Distt.- Khagaria ... ... Appellant/s
Versus
1.
The State of Bihar and Ors Bihar 2.
The Engineer-in-Chief-cum-Special Secretary Department of Public Public Health and Engineering, Govt. of Bihar 3.
The Executive Engineer Public Health and Engineering Division, Khagaria ... ... Respondent/s ====================================================== Appearance :
For the Appellant/s :
Mr. Sheel Bhadra Jha, Adv.
Mr. Yash Raj Singh, Adv.
For the Respondent/s :
Mr. S. Raza ahmad (AAG 5) ====================================================== CORAM: HONOURABLE MR. JUSTICE P. B. BAJANTHRI and HONOURABLE MR. JUSTICE S. B. PD. SINGH ORAL JUDGMENT (Per: HONOURABLE MR. JUSTICE P. B. BAJANTHRI) Date : 17-04-2025 Pursuant to the direction of this Court, the Engineer-In-Chief-cum-Special Secretary, Department of Public Health & Engineering, Government of Bihar has deputed Mr. Saroj Kumar - Executive Engineer, P.H. Division, Khagaria who has appeared in person.
2. The appellant has assailed the order of the learned Single Judge, dated 06.12.2017, passed in CWJC No. 10994 of 2012.
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3. The appellant's father was working as a work charge employee in the pay scale of 155-1-160-2-190. He had rendered service from the year 1963 to 30th October, 1990. It is undisputed that he had been extended annual increment from time to time. This is evident from the State Government resolution dated 30th November, 1972. Unfortunately, appellant's father died while he was in service on 30th October, 1990. Thereafter, the appellant was appointed on compassionate ground on 30th October, 1993 and continue to serve as Nalkoop Khallasi. His services have been displaced on 09.07.2001. The appellant has invoked remedy before this Court in filing CWJC No. 2200 of 2002 and it was decided on 12.10.2018. The learned Single Judge has proceeded to draw inference that scheme of compassionate appointment of dependents of the deceased work charge employee working under work charge establishment are not entitled for compassionate appointment. Feeling aggrieved by the order of the
3/20 learned Single Judge dated 12.10.2018, the present LPA has been filed.
4. Learned counsel for the appellant submitted that having regard to the status of his father that he was drawing a particular pay-scale from the year 1963 and he has been extended annual increment from time to time till his death on 30th October, 1990. Therefore, one has to draw inference that appellant's father was regular holder of the post. Therefore, a decision of the authorities read with the Single Judge order is contrary to resolutions dated 30th November, 1972 of the State Government insofar as extending annual increment to such of those work charge employee of pay-scale to work charge employee. Resolution dated 30th November, 1972 provides extending of pay-scale to work charge employee. Therefore, decision of the respondents and Single Judge that compassionate appointment is not permissible insofar as such of those work charge employee died while he was in service.
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5. Learned counsel for the respondent submitted that appellant is not entitled to earn the benefit of compassionate appointment in the light of the fact that appellant's father was work charge employee and he is not a regular holder of the post in the State Government. In support of such contention, learned counsel for the respondent is relying on Co-ordinate Bench decision in the case of Dilip Kumar Bhattacharya & Ors. vs. the State of Bihar and Ors., dated 24th November, 2004, passed in LPA 897 of 2004 and connected matter and State of Bihar & Ors. vs. Vivekananda Singh and Anr., dated 3rd December, 2008 passed in LPA 286 of 2007 and Full Bench decision in LPA No. 166 of 2018, passed on 04.02.2019.
6. In this backdrop, core question for consideration in the present lis is whether work charge employee die while he was in service, in that event, his legal heirs are entitled to compassionate appointment or not? The official respondent decision, learned Single Judge decision, they
5/20 have not apprised in not taking note of resolution dated 30th November, 1972 to the extent of extending annual increment and extending a particular pay-scale of Rs. 155-1-160-2-190. It is necessary to reproduce resolution dated 30th November, 1972 and it treats as under:- " क सं०3/ पी०आर०जी०2-01/72-14636-वव० वबहारसरकार ववतववभाग संकलप नवमबर1972 ववषय।- राजयसरकारकेसेवकोकेवेतनमानोका पुनरीकण। तृतीयवेतनपुनरीकणसवमवतकीवसफावरशोपर सावधानतापूवरकववचारकरने के बादराजय सरकारनेवववनशचयवकयाहैवकसरकारके अधीनवववभननराजपवतरतपदोके वतरमान वेतनमानोकोअनुलगनअनुसूची1 मेयथादवशरत रपमेपुनरीवकतकरवदयाजाय। 2.
येपुनरीवकतवेतनमानराजयसरकारके उनकमरचावरयोपरलागूहोगे, जो1 जनवरी कीसेवामे थे, तथाउनसभीनयी वनयुवकतयोअथवापतरोननवतयोपरलागूहोगे, जोउकततारीखकोयाउसकेबादपतरभावोहुए हो, परनतुऐसेसरकारीकमरचारीकेमामलोमे,
6/20 जो1 जनवरी1971 कोवनलवमबतथेयाछुटतटी परनतुपुनरीवकतवेतनमानउनकमरचावरयोको तबतकरखनेकाववकलप(औपसन) वदयाहैजब तकवकवेउनपदोकोछोडतेनहींहैअथवाउस कालमानमेवेतनलेनाबंदनहींकरदेतेहै।ऐसे सरकारीसेवकदारावतरमानपदसेअवकाशमे जानेपरयावकसीदूसरेपदपरसथानापतर पतरोननवतहोनेपरयाउसीशतरेणीकेवकसीदूसरे परपदसथानानतरणहोनेपरउसपदकोछोडा जानायाउसपदकेकालमानमेवेतनलेनाबंद होनानहींसमझाजाएगा।ववकलपवलवखतरप सेइससंकलपकीअनुसूची5 केसाथसंलगन वववरण'घ'
मेदेनाहोगा।इससंकलपकेवनगरत होनेके60 वदनोकेअंदरवतरमानवेतनमानमे रहनेकाववकलपदेदेनाहोगा, परनतुइससंकलप केवनगरतहोनेकीवताकोजोकमरचारीछुटतटीपर है, अथवापतरवतवनयुकतहै, अथवाबाहसेवामे हैअथवावनलवमबतहैउसेगजटमेसंकलपके पतरकाशनके60 वदनोकेभीतरववकलपदेनेकी छूटहोगी।अराजपवतरतकमरचारीअपना वलवखतववकलपअपनेकायारलयपतरधानको पतरसतुतकरेगेएवंराजपवतरतकमरचारीअपने ववभागाधयककोसूवचतकरतेहुएमहालेखाकार, वबहारकोवलवखतववकलपपतरसतुतकरेगे।एक बारवदयागयाववकलपअवनतमसमझाजायगा। वबहारसेवा- संवहताकेवनयम82 केउपबनधोको तदनुसार संशोवधत समझा जायगा । ऐसे सरकारीकमरचारीजोवतरमानवेतनमानमेरहना चाहतेहैउनहेवतरमानदरपरजीवनयापनभता
7/20 अनुमानयहोगावकनतुकोईअनतवरमसहायता अनुमानयनहींहोगा।1 जनवरी, 1971 से ववकलपकीवतवथतकवनकासीकीगयीअनतवरम सहायताकीरावशवजसमहीनामेववकलपवदया गयाहैउसकेठीकबादकेमहीनासेयथासंभव बारहबराबरमाहवारीवकशतोमेवसूलकरली जायगी। 3.
सरकारदारायथाअनुमोवदत पुनरीवकत वेतनमानो मे वेतन वनधाररण की पतरवकतरया वववनयवमत करने वाले अनुदेश अनुसूची4 मेवदयेगयेहै।येअनुदेशउनपर लागूहोगे, जो1 जनवरी, 1971 कोसेवामेथे। उससरकारीसेवककी, वजसकावेतनइसपतरकार पुनरीवकतवेतनमानमेवनधारवरतवकयागयाहै, अगलीवेतनवृवदतध, उसवेतनमानमेउसी तारीखसेमंजूरकीजायेगी, वजसतारीखकोवह वतरमानवेतनमानमेअपनीवेतनवृवदतधपाता। वदतवतीयवेतनपुनरीकणसवमवतकीवसफावरशो केलागूहोनेकेबाददकता- रोधपारकरनेके संबंधमे सरकारनेववतववभागके अदतरघसरकारीपतरसंखयासं०पी०आर०जी०285/65-859एफ०2, वदनांक18 वसतमबर1965 के जवरए, महालेखाकार, वबहारकोजोसपषटीकरण भेजाहै, वहपुनरीवकतवेतनमानकेसंबंधमे, यथावशयकपवरवतरनसवहतलागूरहेगा। 4.
केवलउनकमरचावरयोकोछोडकर वजनहोनेकंवडका2 मेबतायीगयीपतरवकतरयाके अनुसारवतरमानवेतनमानमेरहनेकावलवखत ववकलपवदयाहै, अनयसभीकमरचावरयोके
8/20 जनवरी, 1973 मेभुगतेयमासवदसमबर, 1972 के वेतनवबल, पुनरीवकतवेतनमानमे, अनुसूची5 मे बतायीगयीपतरवकतरयाकेअनुसार, तैयारवकये जायेगे। 5.
पुनरीवकतवेतनमानमे1 जनवरी, 1971 से, अथवाछुटतटीपरगयेयावनलवमबतया अनयथाकतरवयपरनहींहरनेवालेसरकारी सेवकोकीदशामेबादकीतारीखसे, वेतनका वनधाररणहोजानेपर, नतोजीवनयापनभता अनुमानयहोगाऔरअनतवरमसहायता।1 जनवरी, 1971 सेआगेवेतन, अनतवरमसहायता औरजीवनयापनभताकेरपमेवजसरकमकी वनकासीकरलीगयीहै, उसेउसपतरथमवबलसे समायोवजतकरवलयाजायेगावजसमेपुनरीवकत वेतनमानमेवेतनके बकायेकीवनकासीकी जायगी।1 जनवरी, 1971 से31 माचर, 1972 तक कीअववधकेदौरानवतरमानवेतनमानमेवेतन, अनतवरमसहायताऔरजीवनयापनभताके रपमेवजसरकमकीवनकासीकरलीगईहै, उसकेसमायोजनकेबाद1 जनवरी, 1971 से31 माचर1972 तकपुनरीवकतवेतनमानजोबकाया देयहोगाउसेसंबंवधतसरकारीसेवककेसामानय भववषयवनवधलेखेमेअनतवरमऔरजमाकर वदयाजायगा।1 अपतरैल, 1972 मेपुनरीवकत वेतनमानमेअनतवरमसहायताऔरजीवन-यापन भताआवदकासमानरपसेसमायोजनकरलेने केबाद, जोबकायादेयहोगा, वहनकदरपमे भुगतेयहोगा, जबतकवककोईसरकारीसेवक वववनवरतदषटरपसेयहइचछावयकतनहींकरेवक
9/20 यहबकायाउसकीसामानयभववषयवनवधमे जमाकरवदयाजाय।1 अकटूबर, 1970 से31 वदसमबर, 1970 तकवनकासीकीगयीअनतवरम सहायतकीवसूलीनहींकीजायगी। 6.
वदनांक1 जनवरी, 1971 केबादवकनतु इनआदेशोकेजारीवकयेजानेकेपूवरकीगयी सरकारीसेवकोकीनयीवनयुवकतयोके सभी मामलोमे, अथवा1 जनवरी, 1971 केबादवकनतु इनआदेशोकेजारीवकयेजानेकेपूवरकीगयी मूलयासथानापतरपतरोननवतयोकेमामलेमे, वनयुवकत/ पतरोननवतपुनरीवकतवेतनमानमेकी गयीमानीजायेगीऔरवैसेसरकारीसेवकका वेतन, पुनरीवकतवेतनमान मे, वबहारसेवा- संवहताके वतरमानवनयमोतथाइससंबंधमे समयसमयपरजारीवकयेगयेअनुदेशोके अनुसार, वनधारवरतवकयाजायेगा।ऐसेमामलो मेभी, वतरमानवेतनमानमेवनकासीवकयागया वेतन, अनतवरमसहायताऔरजीवनयापनभता कासमायोजनपतरथमबकायावेतनवबलमेउसी रीवतसेवकयाजायगाऔरऊपरकंवडका5 मे बतायागयाहै।यवदपुनरीवकतवेतनमानमे वेतनकेपुनवनरधाररणकेफलसवरप, पुनरीवकत वेतनमानमेवनधारवरतवेतन, वतरमानवेतनमानमे वमलनेवालीकुलउपलवबधयो(अथारत, वेतन, जीवनयापनभताऔरअनतवरमसहायता) की अपेका कम हो जाय, तो कुल वतरमान उपलवबधयो और पुनरीवकत वेतनमान मे अनुमानयवेतनमेजोअंतरहोगा, वहहतरासय (Reschedulable) वैयवकतकवेतनकेरपमेदेय
10/20 होगा।वफरभी, ऐसेमामलोमेवैयवकतकवेतन के संबंध मे वववनवदरषट आदेश संबंवधत पतरशासवनकववभागदारापतरतयेकमामलेमे अपनेआनतवरकववतीयसलाहकारकेपरामशरसे वनगरतवकयाजाय। 7.
वदनांक1 जनवरी, 1971 सेपुनरीवकत वेतनमानलागूवकयेजानेकेफलसवरपवबहार सेवा- संवहताकेपवरवशषट6 काअनुबदतघ"क" 1 जनवरी, 1971 सेअवकतरवमतवकयाजाताहैऔर इस संकलप से अनुलगन अनुसूची 6 दारा पतरवतसथावपतवकयाजाताहै।वकसीवनमनसतर पदसेउचचसतरपदपरपतरोननवतहोनेपरवेतन केवनधाररणकेसंबंधमेसमपतरवतपतरवृतसभी वनयम/ आदेशअगलेआदेशतकपतरभावीबने रहेगे।
8. राजयसेवाओंकेवववभननराजपवतरत औरअराजपवतरतसंवगोरंमेकईपतरवरकोवटके पदोकाउपबनधवकयागयाहै।तृतीयवेतन पुनरीकणसवमवतकीवसफावरशोकेफलसवरप राजयसरकारनेयहवववनशचयवकयाहैवक कवतपयमामलोमेवतरमानपतरवरकोवटपदोेकी संखयाबढादीजाय/ समापतकरकदयाजायऔर कवतपयअनयमामलोेमेवजनकेवलयेसमपतरवत पतरवरकोवटकेपदनहींहै, नयेपतरवरकोवटके पदबनायेजाय।अनुलगनअनुसूची2 मेपतरवर कोवटके पदोका, जैसावकसरकारनेअब अनुमोवदतवकयाहै, बयौरावदयाहुआहै।इसके संबंध मे वकये गये वकसी पतरतयायोजन के अधयधीन, संबंवधत पतरशासी ववभाग, ववत
11/20 ववभागकेपरामशरसे, अनुसूची2 मेअनतववरषट वववनशचयके आधारपर1 जनवरी, 1971 से वतरमानपतरवरकोवटपदोकेबढाने/ समापतकरने तथा/ अथवानयेपतरवरकोवटपदाेकेसृजनकी कारवाईकरेगे।पतरवरकोवटकेपद, संवगरको वतरमानसवीकृतसंखयाकेअवतवरकतनहींहोगे, बवलकसंवगरकेवतरमानपदोकेसंपवरवतरनदारा सृवजतवकयेजायेगे।पतरवरकोवटकेपदोकी संखयासथायीयाअसथायीआधारपर1 जनवरी, कोवकसीसंवगरकेमंजूरपदोकीसंखयाके आधारपरवनकालीजायगी।सवंगरकेवतरमान सथायी/ असथायीपदोकेसंपवरवतरनदारामंजूर वकयेजानेवालेपतरवरकोवटकेपदवजनसथायी याअसथायीपदाेकेसंबंधमेवेउपबवनधतवकये जायेगे, उनके अनुसारसथायी या असथायी आधारपरहोगे।वकसीसंवगरमेउपलबधपतरवर कोवटकेपदोकीवासतववकसंखयाकापुनरीकण पतरवतवषर1 अपतरैलकोसंवगरमेपदोकीमंजूर संखयाकेआधारपरवकयाजायेगा।ऐसापतरथम पुनरीकण1 अपतरैल1972 कोवकयाजाय। 9.
पुनरीवकतवेतनमानकेलाभकमरभावरत सथापनओंकेसदसयोतथापूणरकावलकवनयोजन वालेआकवसमकसटाफएवंकालवेतनमानमेपद धारणकरनेवालोकोवमलेगे। 10.
येआदेशजहांठेकेमेअनयथा उपबवनधतहोउसेछोडकर, ठेकेपरवनयोवजत सरकारीसेवकोपरतथाजोपूणरकावलकरपसे वनयोवजतनहींहैउनपरलागूनहींहोगे। 11.
ऐसेमामलेहोसकतेहोवजनमेवनमत,
12/20 समेवकतवेतनदरोयाकालवेतनमानवालेपदो केवलयेसममुवचतवेतनमानवनयतकरनासंभव नहोसकाहो।ववभागोकोसलाहदीजातीहै वकयेवववहतयोगयताओं, कतरवयोके सवरप अनुसारीपुनरीवकतवेतनमानऔरअनयसुसंगत तथयोके आधररपरऐसेपतरतयेकमामलेकी परीकाकरेऔरववतववभागकेपरामशरकेवलये भेजे।जबतकऐसेमामलोपरअवनतमवनणरय नहींवलयाजातातबतकमौजूदापदधारी वतरमानदरोपरवेतन, भते औरअनतवरम सहायतालेतेरहेगे। 12.
वजनअराजपवतरतसरकारीसेवकोका वेतनतीनवषोरंयाइससेअवधकसमयसेकाल वेतनमानकेअवधकतमपररदतघहोजायेउनके संबंधमेवेतनवृवदतधकेमौजूदाआदेशपुनरीवकत वेतनमानमे लागूरहेगे ।वजनमामलोमे पुनरीवकतवेतनमानमेअवधकतमपतरकतरमपर वेतनवनयतवकयागयाहोऔरवकसीकमरचारी कोउपलवबधयोकीकमीकीरकाके वलये वैयवकतकवेतनमंजूरवकयागयाहो, उनमेऐसे वैयवकतकवेतनकोसंबंवधतकमरचारीदारा पुनरीवकतवेतनमानमेअवजरतरदतघवेतन-वृवदतध मेआमेवलतकरवदयाजायगा। 13.
वकसीपदकेसंबंधमेमौजूदाआदेशो केअधीनअभीजोववशेषवेतनवमलरहाहैवह ततकालऔपबवनधकआधारपरतबतकवमलता रहेगाजबतकवकइसववषयमेसवमवतकी वसफावरशपरसरकारअवनतमवनणरयनहींले लेती।सरकारकेसहायकसवचव, ववधान-मंडल
13/20 केपतरवरकोवटकेवरपोटररो, उचचनयायालयके वदतवतीय सहायक रवजसटतरार, पतरशासवनक पतरवशकणसकूल, रांचीकेअथरशासतरकेवरीय पतराधयापक तथा कारखानो के उप-मुखय वनरीककोके मामलोमे1 जनवरी, 1971 से ववशेषवेतनअनुजेयनहींहोगा, कयोवकमौजूदा ववशेषवेतनकोपुनरीवकतवेतनमानमेववलवयत करवदयागयाहै।इनपांचमामलोमे, वेतन वनधाररणवनयमावलीके अनुसारववशेषवेतन वलयाजाचुकाहैउनमे उसेउसीरीवतसे पुनरीवकतवेतनमानमे देयबकायोके साथ समंवजतकरवदयाजायवजसरीवतसेवेतन, अनतवरमसहायताऔरजीवनवनवारहभताको समंवजतकरनाहै। 14.
वेतनमानकेपुनरीकणकेअलावा, सरकारनेवेतनपुनरीकणसवमवतकोअनय वसफावरशोपरववचारवकयाहैऔरउनपरवनणरय वलयेहै।ऐसेवनणरयइससंकलपसेउपाबदतघ अनुसूची3 मेसमाववषटवकेयगयेहै।संबंवधत ववभागोसेअनुरोधहैवकवेउनपरआवशयक कारवाईकरेऔरआवशयकतापडनेपरववत ववभागकेपरामशरसेआदेशजारीकरे। 15.
सरकारकेववभागोसेअनुरोधहैवकवे अनूसची1, 2 और3 मेवदयेगयेबयौरोमेपाये गयेवकसीलोप, भूलयाअसंगवतकीजानकारी ववतववभागकोकरायेतावकउसकासुधारवकया जासकेऔर/ याउसपरदूसरीउवचतकारवाई कीजासके।
14/20 16.
सरकारीआदेशसंखयापी०आर०जी०22-65---564 एफ०11, तारीख, 6 अगसत, 1965 की कंवडका6 मेसवचवालयतथाववभागाधयकोके कायारलयोमे कामकरने वाले अनुसवचवीय सरकारी सेवको को मंजूर पतरेरणा भता वदसमबर, 1972 सेसमापतकरवदयाजायगा। 17.
वशकासंबंधीलाभोसेसंबंवधतमौजूदा आदेशलागूरहेगे।1 वदसमबर, 1972 सेवमवडतल, माधयवमकऔरउचचतरमाधयवमकवगोरंके समानसतरोवालीतकनीकीएवंवयावसावयक संसथाओं मे अधययन करने वाले बालको- बावलकाओंकेसंबंधमेभीपतरवतपूवतरअनुजेय होगीसाथसाथ1 वदसमबर, 1972 सेवमवडतल/ माधयवमक/ उचचतर माधयवमक बोडोरं दारा संचावलतपरीकाओंसेसंबंवधतपरीकाशुलको कीपतरवतपूवतरकीजायगी। 18.
सरकारनेआगेयहवनणरयवकयाहैवक भववषयमेसरकारीसेवकोकोदीजानेवाली वचवकतसापतरवतपूवतरकीसुववधाकेवलअनतवारसी रोवगयोतकवनबंवधतरखीजायऔरयहबाहरी इलाजके वलयेनदीजाय।इससंबंधमे सवासथयववभागदारापतरसंगतवनयमसंशोवधत करनेकीकारवाईकीजायगी। 19.
सरकारनेआगेयहवनणरयवकयाहैवक 1 जनवरी, 1971 सेसरकारीकवाटररोमेरहनेके वनवमतसरकारीसेवकोसेवनमनवलवखतदरोपर वकरायावलयाजायगाः-
15/20 वलयाजानेवालावकराया। पुनरीवकतवेतनमानमे(ववशेष वेतनऔरवैयवकतकवेतनसवहत वनमनवलवखतवेतनपानेवाले सरकारीसेवकोसे------ (i) 204 र०सेअनवधक......
कुछनहीं। मानकवकरायायाउपलवबधयो ( वबहारसेवासंवहताके वनयम मेयथापवरभावषत) का3, 5 पतरवतशत, जोकमहो। (ii) 204 र०सेअवधकवकनतु400 र०सेअनवधक मानकवकरायायाउपलवबधयो ( वबहारसेवासंवहताके वनयम मेयथापवरभावषत) का7.5 पतरवतशत, जोकमहो। (iii) 400 र०सेअवधकवकनतु940 र०सेअनवधक (iv) 940 र०सेअवधक मानकवकरायायाउपलवबधयो ( वबहारसेवासंवहताके वनयम मेयथापवरभावषत) का10 पतरवतशत, जोकमहो। 20.
राजयसरकारने, मौजूदावेतनमानके साथ जीवनयापन भता के ववलयन और पुनरीवकत वेतनमान मे वेतन वनधाररण के फलसवरप मकान भाडा भता की दरो के संशोधनकेपतरशनपरववचारवकयाहैऔरयह वनशचयवकयागयाहैवकसरकारीसंकलपसंखया पी०आर०जी०2-2-65---67 एफ०2, तारीख10 माचर, 1965 कीकंवडका13 मेउवललवखतमकान भाडाभताकीदरोकोपवरववतरतकरतेहुए सरकारीकवाटररके पासवकसीऐसेसरकारी सेवकको, वजसेसरकारीकवाटररनहींवमलाहै औरजोभाडेपरसवयंकोईपतराइवेटमकान लेकररहरहाहो1 जनवरी, 1971 सेवनमनदरसे मकानभाडाभतावदयाजायः-
16/20 (क) पटनाऔरगयामेपदसथावपतसरकारीसेवकोकेवलये--- पुनरीवकतवेतनमानमेवेतन। भतेकीरावश। र० र०वेतनतक ..
..
..
3.00 र०वेतनसेअवधक, वकनतु260 र०सेअनवधक ..
4.00 र०वेतनसेअवधक, वकनतु315 र०सेअनवधक ..
5.00 र०वेतनसेअवधक, वकनतु340 र०सेअनवधक ..
6.00 र०वेतनसेअवधक, वकनतु400 र०सेअनवधक ..
7.50 (ख) धनबादऔरदालभूमअनुमंडलमेपदसथावपतसरकारीसेवकोके वलये पुनरीवकतवेतनमानमेवेतन। भतेकीरावश। र०वेतनतक ..
..
..
3.00 र०वेतनसेअवधक, वकनतु230 र०सेअनवधक ..
4.50 र०वेतनसेअवधक, वकनतु260 र०सेअनवधक ..
6.00 र०वेतनसेअवधक, वकनतु315 र०सेअनवधक ..
7.50 र०वेतनसेअवधक, वकनतु340 र०सेअनवधक ..
9.00 र०वेतनसेअवधक, वकनतु400 र०सेअनवधक .. 11.00 र०वेतनसेअवधक, वकनतु940 सेअनवधक वेतनके7.5 पतरवतशतसेअवधकवसतुतः चुकायीगयीरकमवजसकी अवधकतमसीमावेतनके 7.5 पतरवतशततकहोगी। र०वेतनसेअवधक वेतनके10 पतरवतशत से अवधक, वसतुतःचुकायीगयीरकम वजसकी अवधकतम सीमा वेतनके10 पतरवतशततक होगी। 21.
सरकारनेयहभीवनणरयवलयाहैवकवनःशुलक आवासकीसुववधायावनःशुलकआवासकेएवजमेमकान वकरायाभताकोसुववधासेसंबंवधतसभीवतरमानआदेश पतरभावीरहेगे। 22.
राजयसरकारने, जी०ओ०संखयाए०-1301-71-
17/20 6874 एफ०, तारीख24 जुलाई, 1971 के दारापटनामे पदसथावपतऐसेसरकारीसेवकोकेवलयेवजनका मूलवेतन पतरवतमास410.00 र०सेअवधकनहींथा, पतरवतमास5 र०का दरसेनगरकवतपूरकभते( सामानतसमंजनकेसाथ) की मंजूरीदीथी।यहवनणरयवलयागयाहैवकपटनामे पदसथावपतऐसेकमरचावरयोकोवजनकापुनरीवकतवेतनमान मेमूलवेतनपतरवतमास620 र०सेअवधकनहींहैउनकी5 र०पतरवतमासकीदरसे( सामानतसमंजनकेसाथ) नगर कवतपूरकभताअनुमानयहोगा। आदेशःआदेशवदयाजाताहैवकइससंकलपकापतरकाशनजानकारी केवलये"
वबहारगजट"
मेकरवदयाजाय। वबहारराजयपालकेआदेशसे, वनवशकानतवसनहा, सरकारकेउपसवचव।"
7. This crucial document has not been taken note of by the official respondents while displacing the services of the appellant on 09.07.2001. Similarly, the learned Single Judge did not have an occasion to summon for the records relating to whether work charge employee is entitled to annual increment read with is he entitled to particular pay-scale or not so as to determine whether
18/20 work charge employee is a regular holder of the post in the department or not. We have undertaken such exercise by virtue of our previous order. Today, learned counsel for the Respondent - State Mr. S. Raza Ahmad furnished sixth supplementary counter affidavit on behalf of respondent Nos. 2 & 3 along with this Annexure - R3/B which has been extracted (supra) would change the material of the case. At this stage, it is necessary to take note of that the learned counsel for the respondent Mr. S. Raza Ahmad relied on two Co-ordinate Bench decisions cited (supra) read with Full Bench decision.
8. In all the aforementioned three decisions, there was no occasion for the Co-ordinate Bench and Full Bench to take note of crucial document namely, resolution dated 30th November, 1972 which determines that work charge employee is entitled to have the benefit of annual increment from time to time and further he is entitled to a particular pay-scale, namely, 155-1-160-2-190. This resolution dated 30th November, 1972 would change the
19/20 status of the work charge employee to that of regular holder of the post in the Government. If the appellant's father who was holding the work charge employee and died while he was in service, in that event, he died with status of permanent employee. If the permanent employee died while he was in service, in that event, his legal heirs are entitled to compassionate appointment. Therefore, there was no infirmity in the order of appointment issued to the appellant on 30th October, 1993 and there is a series lacunae in the decision dated 09.07.2001 by which, appellant has been displaced without examining resolution dated 30th November, 1972 and the fact that appellant's father was holding permanent and regular post as a Government servant. It is to be noted that regular holder of the post is entitle to pay scale and increment from time to time. On the other hand, Adhoc employee is entitle to consolidate pay. Thus, there is difference between regular holder of the post and Adhoc employee. In the light of these facts and
20/20 circumstances, the appellant has made out a case so as to interfere with the official respondents' decision dated 09.07.2001 which is the subject matter of CWJC 2200 of 2002 decided on 12.10.2018, they are set-aside.
9. The appellant is entitled to reinstatement with all service and consequential benefits. The same shall be extended within a period of three months from the date of receipt of this order. The appellant shall be reinstated into service within a period of 15 days from the date of receipt of this order or production of this order on behalf of the appellant before the Executive Engineer.
10. With the above observation, the present LPA No. 342 of 2019 stands allowed.
(P. B. Bajanthri, J) ( S. B. Pd. Singh, J) Niraj/Sudhanshu AFR/NAFR AFR CAV DATE NA Uploading Date 24.04.2025 Transmission Date NA